Wednesday, July 21, 2010

मेरी अन्तर वेदिना

मुझे मेरा पहला दिन ससुराल का याद आया सुबह उठते ही सब नया लगा , माँ की जगह सास और भाइयों की जगह देवरों को पाया
घर के नियम और ससुराल के नियमों में अंतर पाया अपने आप को सँभालने में ही महीनों लग गए
मैं अपने छोटे से samrajy की महारानी हूँ , मेरे बगैर घर में कुछ भी नही होता 30 साल से मैं इसे बहुत कुशलता से संभाल कर आ रही थी , कि अचानक
कोई मेरे पीछे खड़ा महसूस किया और देखा , बहु ! एक बार तो मन में आंदोलित हो गया कोई मेरे छोटे से साम्राज्य में घुस गया हे ,फिर अपने आप को
संयमित कर के सोचने लगी ,कि मेरे जैसे ही मेरी बहु भी अपने आप को ससुराल का पहला दिन सा महसूस कर रही होगी !
में सोचने को मजबूर हुई ,कि क्या सास बहु का रिश्ता सिर्फ साम्राज्य के लिए ही लड़ना हे, अन्तर्द्वन्द के बाद मैने कहा बहु चलो हम सब के लिए
आज से तुम खाना बनाओगी,बस सुनते ही बहु कि आखों में एक चमक देखी (जो लडकियं मायके में रसोई से कोसों दूर भागती हे ) वो हिरनी क़ी तरह छ्लंगे मार
कर सारा कम कर रही थी !
खाने के साथ में सोच रही थी ,आज से मेरे साम्रज्य में एक और महारानी का पदार्पण हुआ ! मुझे लगा आज में महारानी से रानीमाँ बन गयी , यह सोच कर
दिल को एक अजीब सी तसली हुई ! और दिल हलका हो गया !

कभी ऐसा क्या औरत सोच सकती हे ?

Tuesday, July 20, 2010

क्या हम नहीं सूदरेंगे

आज हम मिडिया वालों से पूछते है ,क्या कोई मोरल हे की नहीं, धोनी ने शादी किया वो सलिब्ती हे दिखाना जरुरी हे ,पर क्या होटल तक पौहुचना जरुरी हे क्या ? अगर धोनी जी मन जाते तो शायद(ना कहने वाली बात हें )पर सुहागरात भी दिखा देते ! दुनिया में और भी बहुत से प्रोब्लुम हे, उनको दिखने से शायद लोगों का भला हो जायगा. आज टी.र.प. के चक्कर में अपना ही नहीं लोगों का कबाड़ा कर रहें हें ! क्या अधिकार हे इन चैनल वालों को, की लोगों के मनो भाव के साथ खिलवाड़ करना ? चैनलों को सोचना चाहिए की उनकी टी.र.प. होड़ में लोगों का नुकसान ना करें !